आज का प्रवाह टाइम्स विचार – 20 अक्टूबर 2026
बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली हो, जीत हमेशा अच्छाई की होती है...
विचार का भाव
इतिहास गवाह है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हो जाएँ, उनकी उम्र हमेशा सीमित होती है। वहीं सत्य, धर्म और सदाचार की राह पर चलने वालों का प्रभाव समय के साथ और भी गहरा होता जाता है।
रावण के पास अपार ज्ञान, शक्ति और सोने की लंका थी, लेकिन उसका अहंकार और गलत कर्म उसके पतन का कारण बने। दूसरी ओर, भगवान श्रीराम ने सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलकर यह संदेश दिया कि शक्ति से बड़ा चरित्र होता है और अहंकार से बड़ी विनम्रता।
दशहरा हमें केवल रावण दहन का पर्व मनाने की प्रेरणा नहीं देता, बल्कि अपने भीतर छिपे क्रोध, लोभ, ईर्ष्या, अहंकार और नफरत को पहचानकर उन्हें दूर करने का संदेश भी देता है।
आइए, इस दशहरे पर संकल्प लें कि हम अन्याय के सामने झुकेंगे नहीं, सत्य का साथ छोड़ेंगे नहीं और अपने आचरण से अच्छाई को जीवित रखेंगे।
क्योंकि असली विजय किसी दूसरे को हराने में नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों पर विजय पाने में है।